कशीरा भाग्य योजना कर्नाटक | Ksheera Bhagya Scheme Karnataka

कशीरा भाग्य योजना 1 अगस्त 2013 को कर्नाटक राज्य सरकार ने  कर्नाटक सहकारी दूध प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड (केएमएफ) के साथ मिलकर राज्य के स्कूल और आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए सभी दूध संघ के सहयोग से शुरू की गई थी। यह योजना शिक्षा विभाग और कर्नाटक के महिला एवं बाल विभाग के तहत शुरू की गयी है। इस योजना के तहत सरकार स्कूल और आंगनवाडी के बच्चों को सप्ताह में पांच दिन मुफ्त दूध प्रदान करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को रोकना और कर्नाटक राज्य के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार करना है। सरकारी अनुदानित विद्यालयों के 1 से 10 वीं कक्षा के छात्र और आंगनवाड़ी के बच्चों को इस योजना के तहत लाभ होगा।

यह कार्यक्रम राज्य के लगभग 65 लाख बच्चे जो 51,000 सरकारी स्कूलों में कक्षा1 से 10वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं और लगभग 64,000 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पढ़ रहे 39 लाख बच्चों को लक्षित करता है। यह मुफ्त दूध योजना ग्रामीण इलाकों में बच्चों के बीच कुपोषण से निपटने में मदद करती है। कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, जिंक और राइबोफ्लेविन जैसे घटकों के साथ दूध एक पूर्ण भोजन है, जो कि बच्चों को स्वस्थ और बुद्धिमान बनने के लिए आवश्यक होता है। सरकार ने इस योजना को प्रोटीन और वसा के साथ पौष्टिक भोजन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया है जो कि स्वस्थ विकास और स्कूल के बच्चों के साथ-साथ आंगनवाड़ी के बच्चों के समस्त विकास के लिए आवश्यक है।

कशीरा भाग्य योजना के लाभ

  1. सरकार सप्ताह में पांच दिन विद्यालय और आंगनवाडी बच्चों को मुफ्त दूध प्रदान करती है।
  2. सरकारी,सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा 1 से 10 वीं में पढ़ने वाले छात्र और आंगनवाडी बच्चे इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करेंगे।
  3. सरकार ने डेयरी किसानों को 4 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन देना शुरू कर दिया है जिससे दूध उत्पादन में भारी वृद्धि हुई है।

कशीरा भाग्य योजना का उद्देश्य

  1. बच्चों में कुपोषण को रोकने के लिए
  2. बच्चों की पोषण और स्वास्थ्य स्थिति में सुधार

कशीरा भाग्य योजना के लिए पात्रता

  1. छात्र कर्नाटक राज्य का निवासी होना चाहिए।
  2. सरकारी और सरकारी अनुदानित विद्यालयों के कक्षा 1से 10वीं में पढने वाले छात्र और आंगनवाडी में पढने वाले बच्चे इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करेंगे।
  3. दूध एक सप्ताह में 5 दिनों के लिए प्रदान किया जाता है।
  4. केवल सरकार और सरकारी अनुदानित विद्यालय और आंगनवाडी इस योजना के लिए पात्र हैं।
संदर्भ और विवरण
  1. कशीरा भाग्य योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें

http://www.schooleducation.kar.nic.in/index.html

  1. कर्नाटक में महिला और बाल विकास विभाग में जाएँ

http://www.dwcd.kar.nic.in/dwcd_english/index.html

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