उत्तराखंड में केंद्र की उज्ज्वला योजना | Centre’s Ujjwala scheme in Uttarakhand

केंद्र की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना, जो गरीब परिवारों के लिए मुफ्त गैस कनेक्शन का प्रदान करती है, उत्तराखंड में एक तरह से अपने लक्ष्य में पीछे दिख रही है।

यह योजना, जो पिछले साल जून में राज्य में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों (बीपीएल) से संबंधित महिलाओं को तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से मुफ्त एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन मुहैया कराती थी,

तब से, सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 में पहचान किए गए लगभग 4.38 लाख बीपीएल परिवारों में से 2.17 लाख परिवारों को इस योजना से लाभ प्राप्त हुआ है। करीब 2.21 लाख परिवार – या लक्ष्य से लगभग आधे – अभी तक योजना के दायरे के तहत लाभ से वंचित हैं।

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि बीपीएल परिवारों की सही संख्या अभी तक गैस कनेक्शन कंपनियों को नहीं मिल पाई है क्योंकि 2011 के बाद से कई चीजें बदल गई हैं। 2011के बाद से कई परिवार या तो अपने मौजूदा पते पर नहीं हैं या पता ही नहीं है। इंडिअन ऑयल कॉरपोरेशन के डिप्टी मैनेजर (एलपीजी सेल्स),एमआई अंसारी ने कहा, इसके अलावा, कई परिवारों के पास पहले से ही एक गैस कनेक्शन मिला है, इस कारण वे इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हो सकें।

तेल विपणन कंपनियों को वर्तमान में शेष परिवारों को ढूंढने और उनके पास पहुंचने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। “अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए,कम्पनियाँ गांवों में विशेष जागरूकता शिविर लगाकर गरीब परिवारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। एक डोर-टू-डोर सर्वेक्षण हो रहा है और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद ली जा रही है। ”

पिछले एक साल में, उत्तराखंड में (45,405)मुफ्त एलपीजी कनेक्शन हरिद्वार में वितरित किये गए थे, जबकि देहरादून में लाभार्थियों की संख्या सिर्फ 12,861 थी।

खाना पकाने के लिए जलाऊ लकड़ी की जगह गैस का प्रयोग इस योजना का लक्ष्य था, इस योजना में आधार कार्ड, बैंक खाते और पते के प्रमाण आदि जैसे विवरण के साथ कनेक्शन जारी करने के लिए 1600 की प्रारंभिक लागत पर गैस कनेक्शन दिया गया है।

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