वोटर कार्ड को आधार से कैसे जोड़ें


जल्द जुड़ेगा वोटर कार्ड से आधार | Voter ID & Aadhaar Card Linking News

भारत एक लोकतान्त्रिक देश है। हर इंसान अपना मत देकर ही यहाँ अपनी सरकार चुनता है। एक आदमी, एक वोट। अब ये सरकार का काम है देश को आगे बढ़ाना है या सिर्फ बड़ी बड़ी बाते करके ही लोगो को बहलाते रहना। वोट डालने के लिए सबसे ज़रूरी है वोटर कार्ड। चुनाव आयोग ने वोटर कार्ड को आधार से जोडने का सरकार से प्रस्ताव रखा है। इस प्रक्रिया से हमारे मूल अधिकार को वज़न मिलेगा और देश में प्रगति होगी।

आधार कार्ड एक ऐसा यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड है जिसकी मदद से हर इंसान को मूल सुविधाएं मुहैया होती है। आधार कार्ड मतलब उंगलियों और आँखों की पुतलियों को पहचानकर सारी जानकारी रखता है। जिस भी चीज़ से आधार को लिंक किया जाता है, वह काम बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।

इसी वजह से चुनाव आयोग राज्य सरकार से वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की दरख्वास्त कर रहा है। इस वोटर कार्ड और आधार कार्ड के लिंक से आराम से वोटिंग हो सकेगी और कोई भी काम गलत नही होगा। बोगस यानी फर्जी वोटर को पकड़ने में ज़्यादा आसानी रहेगी।

वोटर कार्ड और आधार कार्ड लिंक

वोटर कार्ड से आधार को जोड़ने का फायदा

फर्जीवाड़ा कहाँ नही होता? जब हम वोट देने जाते है तो कभी लोग किसी और का वोटिंग कार्ड लेकर आ जाते है या फिर कभी गैर कानूनी तरीकों से अपनी पार्टी को जिताने के लिए वोट करते है। जब वोटर कार्ड से आधार को लिंक किया जायेगा तो सरकार को फर्जी वोटर पहचानने में आसानी होगी। सारे अधिकार कायम रहेंगे और मूल अधिकारों का उलंघन नही होगा।

इस अधिकार के ज़रिये सभी को फायदा होगा और आगे चलकर अनुशाशन तरीको से देश चलाने में आसान रहेगा। बेहतरीन तरीकों से पहले से भी अधिक कार्यशैली में अच्छा बदलाव सुनिश्चित तौर पर आएगा। देश की जनता आगे बढ़ेगी।

How to Link Aadhaar With Voter ID | आधार को वोटर कार्ड से कैसे जोड़ें 

चुनाव आयोग ने भेजा कानून मंत्रालय को प्रस्ताव

हाल ही में चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को वोटर कार्ड को आधार कार्ड को लिंक करने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव का आग्रह पहले भी भेजा गया था, पर यह मामला कोर्ट में लंबित है। इस मांग के तहत भारतीय जनता पार्टी की नेता ने कोर्ट में  याचिका दायर करते हुए कहा कि फर्जी मतदान को रोकने और ज़्यादा से ज़्यादा निर्वाचन प्रक्रिया में अपनी भागीदारी बढ़ाकर आधार पर आधारित मतदान प्रकिया लागु करने का प्रस्ताव सरकार को दिया।

इस प्रक्रिया को मद्देनजर रखते हुए यह दलील दी कि वोटर कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने से मूल अधिकार नही टूटेंगे। इस फैसले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला डते हुए ये कहा है कि चुनाव आयोग इस सम्बन्ध के बारे में पूरी दिशा निर्देश देने को कहा और तो और हाथ सप्ताह का समय दिया।

इस पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया और इवीऍम मशीन के बजाय बैलेट पेपर से वोटिंग करवाने की दलील ख़ारिज की और इस प्रस्ताव को आगे ले जाने के बारे में सुझाव दिया। आधार कार्ड से वोटर कार्ड को लिंक करवाने की प्रक्रिया अभी जारी है।

बहुत संभव है के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जायेगी | आधार कार्ड को वोटर कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया उसके बाद इसी लेख में अपडेट कर दी जायेगी

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